
चलो धर्म की राह सजाएँ, सत्य का दीपक साथ जलाएँ।
राम की मर्यादा अपनाएँ, दुर्गा सा साहस जग में लाएँ।
जीत मिले तो शीश झुकाएँ, शक्ति से निर्बल को बचाएँ।
दशमी का संदेश यही है, मन के रावण आज मिटाएँ॥

चलो धर्म की राह सजाएँ, सत्य का दीपक साथ जलाएँ।
राम की मर्यादा अपनाएँ, दुर्गा सा साहस जग में लाएँ।
जीत मिले तो शीश झुकाएँ, शक्ति से निर्बल को बचाएँ।
दशमी का संदेश यही है, मन के रावण आज मिटाएँ॥