
दीप जले घर-घर में माता, सत्य बसे हर व्यवहार।
गणपति बुद्धि का वर दें हमको, लक्ष्मी दें श्रम का सत्कार।
लोभ नहीं, संतोष जगाएँ, धन से सेवा का विस्तार।
जय दीपावली मंगलमय हो, उज्ज्वल हो परिवार-संसार॥

दीप जले घर-घर में माता, सत्य बसे हर व्यवहार।
गणपति बुद्धि का वर दें हमको, लक्ष्मी दें श्रम का सत्कार।
लोभ नहीं, संतोष जगाएँ, धन से सेवा का विस्तार।
जय दीपावली मंगलमय हो, उज्ज्वल हो परिवार-संसार॥